जावा क्या है?

Java को सीखना किसी भी अन्य Language को सीखने की तुलना में अधिक सरल है। ज्यादातर Languages एक दूसरे के लगभग समान ही हैं। इसलिए यदि एक Language में Mastery कर ली जाए तो बाकी की अन्य Languages में किसी Programmer को ज्यादा परेशानी नहीं आती है। वह आसानी से किसी भी Language में पकड बना लेता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उसे कम से कम एक Language में काफी जानकारी हो।

जो लोग पहले “C” या “C++” या दोनों सीख चुके हैं उन्हें Java को सीखने में कोई परेशानी नहीं आती है बल्कि वे उन लोगों की तुलना में ज्यादा जल्दी से Java को सीख लेते हैं और Java पर पकड बना लेते हैं, जिन्होंने “C” या “C++” नहीं सीखी है। अगर हम ऐसा कहें कि Java “C” व “C++” का मिलाजुला रूप है और Java में से उन चीजों को हटा दिया गया है, जिनको “C” व “C++” Language में सीखने में परेशानी आती थी, तो गलत नहीं होगा।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि Java को सीखने से पहले “C” व “C++” को सीखना जरूरी है। हालांकि यदि पहले “C” व “C++” सीखा जाए तो Java को समझना व सीखना सरल होता है लेकिन फिर भी हम Java से Programming सीखना शुरू कर सकते हैं। ये अपने आप में ही एक पूर्ण Language है। Java सीखने के बाद भी किसी भी अन्य Language को उतनी ही आसानी से सीखा जा सकता है जितनी आसानी से किसी और Language को सीखने के बाद Java को सीखा जाता है।
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  • जावा एक Pure Object Oriented Programming Language है सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा विकसित की गयी है.
  • इसका प्रयोग वर्तमान समय में केवल कंप्यूटर्स में ही नहीं बल्कि सेल फोन, मोबाइल, पीडीए, आदि में भी किया जाता है.
  • जावा मूल रूप से सेट टॉप बॉक्स के लिए डिजाइन किया गया था.
  • आप जावा में कही तरह के प्रोग्राम लिख सकते है |
  • सी या सी प्लस प्लस जानने वाले को जावा सिखने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी, क्योकि जावा में सी प्रोग्रामिंग का सिंटेक्स और सी प्लस प्लस प्रोग्रामिंग का ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड फीचर प्रयोग होता है.

जावा एक Pure Object Oriented Programming Language है। इसका प्रयोग वर्तमान समय में केवल Computers में ही नहीं बल्कि Cell Phones, Mobiles, PDAs, आदि में भी किया जाता है। साथ ही इस Programming Language में ऐसे Application Software बहुत ही आसानी से बनाये जा सकते हैं, जो विभिन्‍न प्रकार की Electronic Devices को आपस में Connect कर सकते हैं और एक दूसरे के साथ Communication करवा सकते हैं। जावा वास्‍तव में एक बहुत ही बडी Programming Language है, इसलिए जावा कम्‍पनी ने इसे कई हिस्‍सों में विभाजित कर दिया है, ताकि जो Programmers जिस Category से Related Software Develop करते हैं, उन्‍हें केवल उसी Category से संबंधित जावा के बारे में जानने की जरूरत पडे। जावा की सबसे बडी विशेषता इसकी Portability व Security है। यानी जावा में किसी एक Device के लिये Develop किया गया Program किसी भी अन्‍य Device पर बिना Recompilation के Run हो सकता है। जबकि जावा किसी भी Device के Hardware को Directly Access करने की Permission नहीं देता, इसलिये जावा अन्‍य Compiler Based Programming Languages जैसे कि “C”, “C++” की तुलना में ज्‍यादा Secure है।

लेकिन जावा के इन सभी भागों में जावा का एक हिस्‍सा Common रूप से उपयोग में लिया जाता है और जावा के उस हिस्‍से को Core Java कहते हैं। Core Java के अलावा जावा को जिन अलग-अलग प्रकार की जरूरतों को पूरा करने के लिये अलग-अलग- भागों में विभाजित किया गया है, उन अलग-अलग भागों को एक शब्‍द में Advance Java कहा जाता है। जावा को मूल रूप से तीन हिस्‍सों में विभाजित किया गया है-

Java Micro Edition (J2ME)
Java Standard Edition (J2SE)
Java Enterprise Edition (J2EE)

J2EE (Java 2 Enterprise Edition)
चूंकि जावा को सामान्‍यत: बहुत ज्‍यादा Data को Handle करने के लिये व बहुत बडी कम्‍पनियों द्वारा उपयोग में लिया जाता है, जो कि अपने Data को विभिन्‍न तरीकों के Applications में विभिन्‍न तरीकों से Use करती हैं और विभिन्‍न प्रकार के नए Software Develop करती हैं। परिणामस्‍वरूप Data के एक बहुत बडे Amount को एक रूप से दूसरे रूप में बदलने व एक Application से दूसरे Application में Transfer करने के लिये जावा का ये हिस्‍सा विशेष रूप से Develop किया गया है। सामान्‍यत: जावा का ये हिस्‍सा Data को XML Form में Represent करने व एक रूप से दूसरे रूप में बदलने संबंधित जरूरतों को करता है।

J2ME (Java 2 Micro Edition)
सामान्‍यत: जावा के इस हिस्‍से को Java 2 Mobile Edition भी कहा जाता है क्‍योंकि जावा का ये हिस्‍सा Telecommunication यानी Mobile Devices के लिये बनाये जाने वाले वाले Software की जरूरतों को पूरा करता है। Cell Phones, Mobile Tracking Systems, PDA Devices के लिये बनाये जाने वाले Applications से संबंधित जरूरतों को जावा का ये Edition Fulfill करता है।

Java के Programs कई प्रकार के होते हैं :

Applications – ये ऐसे Programs होते हैं जिन्हें Execute होने के लिए किसी Browser की जरूरत नहीं होती है। ये Stand Alone होते हैं और किसी भी Computer पर Run हो सकते हैं। इन्हें Command Prompt पर Run किया जा सकता है।

Applets – ये ऐसे Programs होते हैं जिन्हें Run होने के लिए Browser की जरूरत होती है। ये Programs Web Pages पर Run होते हैं। एक Applet Program कभी भी किसी Local Machine के Resources को Access नहीं करता है।

Servlet – ये Programs Web Servers की Functionality को बढाने के लिए लिखे जाते हैं। इनका कोई GUI नहीं होता है।

Packages – ये Java की Classes का एक Collection होता है जिसे किसी भी अन्य Java Program में आसानी से Reuse किया जा सकता है।

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